आसमान में इंद्रधनुष क्यों दिखाई देता है और यह कैसे बनता है – How is Rainbow Formed General Knowledge in Hindi

आसमान में इंद्रधनुष क्यों दिखाई देता है और यह क्यों बनता है ! How is Rainbow Formed आसमान में इंद्रधनुष सात रंगों से मिलकर बनता है! यह सात रंग इस प्रकार है – बैगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी एवं लाल! जब बारिश की बूंदे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आती है तब सूर्य के विपरीत दिशा में आसमान में इंद्रधनुष बनता है! जब बारिश की बूंदों में सूर्य का प्रकाश पहुंचता है तो अपवर्तन परावर्तन के कारण जो घटना घटती है उसी से हमें इंद्रधनुष दिखाई देता है! आसमान में इंद्रधनुष एक गोलाकार चाप की भांति दिखाई देता है! कभी-कभी हमें एक नहीं बल्कि दो-दो इंद्रधनुष दिखाई देते हैं! जब सूर्य का प्रकाश किसी बारिश की बूंद से होकर गुजरता है तो यह सात रंगों में अलग-अलग दिखाएं देता है!

How is Rainbow Formed – General Knowledge

How is Rainbow Formed
How is Rainbow Formed

आसमान में इंद्रधनुष क्यों बनता है और कैसे बनता है 

बचपन में जब आसमान में आप इंद्रधनुष Rainbow को देखते थे तो आपकी मन में यह प्रश्न अवश्य आया होगा कि आखिर या इंद्रधनुष बनता कैसे हैं! आकाश में इंद्रधनुष तब बनता है जब एक और धूप निकली हो दूसरी और बारिश हो रही हो! जब सूर्य का सफेद प्रकाश बारिश की बूंदों से होकर गुजरता है तो सात अलग-अलग तरह के रंग बिखरता है! इन्हीं सात रंगों से मिलकर इंद्रधनुष बनता है जो कि सूर्य के विपरीत दिशा में दिखाई देता है! अगर कहीं भी रिमझिम बारिश के साथ धूप निकली हो तो इंद्रधनुष अवश्य बनता है! अधिकतर पानी के झरनों के पास भी आपको इंद्रधनुष देखने को मिल सकता है! अलग-अलग जगह इंद्रधनुष अलग-अलग तरह से दिखाई देता है!

कभी-कभी आसमान में दो-दो इंद्रधनुष क्यों दिखाई देते हैं

कभी-कभी आप कान में दो-दो इंद्रधनुष एक साथ देखे होंगे! ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब सूर्य का प्रकाश पानी की एक बूंद से होकर गुजरता है तो वह 7 तरह के दिखता है! परंतु जैसे ही वह एक बूंद से होकर गुजरता है और तुरंत ही दूसरी बूंद से होकर गुजरता है, तो फिर से वह सात रंग बिखेर देता है! जब सूर्य का प्रकाश लगातार दो पानी की बूंदों से होकर गुजरता है तो हमें दो इंद्र दिखाई देते हैं! इंद्रधनुष का बनना प्रकाश के अपवर्तन एवं परावर्तन के कारण संभव है!  सूर्य का प्रकाश दो बार परावर्तित होता है तो दो इंद्रधनुष बनते है ! जब दो इंद्रधनुष बनते हैं तो उनके रंगों का क्रम हमेशा एक दूसरे से विपरीत होता है!

सूर्य के प्रकाश में होते है सात रंग 

प्रकाश के प्रवर्तन एवं अपवर्तन के कारण ही इंद्रधनुष बनता है जब हवा में पानी की बूंदे मौजूद हो तो था किसी वस्तु के पीछे से आ रहे सूर्य के प्रकाश का कोण कम हो, तब भी हमें वस्तु के विपरीत दिशा में इंद्रधनुष बनता हुआ दिखाई देगा! दरअसल जब प्रिज्म के भीतर से सूर्य का प्रकाश गुजरता है तो वह 7 रंगों में विभक्त हो जाता है! यही सात रंग मिलकर सूर्य के प्रकाश को सफेद रंग का बनाते हैं! जब सातों रंगों को एक साथ मिला दिया जाए तो बनने वाला रंग सफेद होगा!

अगर किसी बर्तन में अगर पानी भरा हुआ है और उस पर सूर्य का प्रकाश गिर रहा है तो हमें पानी के ऊपर हल्के हल्के रंग दिखाई देते हैं! आसमान में जब बच्चे इंद्रधनुष को देखते हैं तो बहुत खुश होते हैं! दिन के समय पानी के झरने के पास भी इंद्रधनुष Rainbow देखने को मिल जाता है ! ऐसी घटना पर प्रिज्म के साथ भी होती है! जब प्रिज्म में से सूर्य का प्रकाश गुजरता है तो बस सात रंगों में विभाजित हो जाता है!

यह भी जाने :- घोड़े के बारे में रोचक एवं मजेदार बातें