मध्यप्रदेश के लगने वाले प्रमुख मेलों की जानकारी – MP ke MELE : General Knowledge in Hindi MP GK

MP ke MELE General Knowledge in Hindi MP GK – मध्यप्रदेश में बहुत से धार्मिक स्थल एवं आस्था केंद्र है! जहां प्रति वर्ष कई मेले लगते हैं इनमें से कुछ प्रमुख मेलों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है! अगर आप किसी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए यह महत्वपूर्ण है! क्योंकि प्रत्येक परीक्षा में मेलों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं! वैसे तो मध्यप्रदेश में कई मेले लगते हैं परंतु कुछ खास मेलों के बारे में जानकारी नीचे दी गई है!

मध्यप्रदेश के प्रमुख मेले विस्तार में : MP ke Mele

MP ke Mele
MP ke Mele मध्यप्रदेश के प्रमुख मेले

सिंहस्थ मेला – राज्य के उज्जैन शहर में शिप्रा नदी के किनारे प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल में यह मेरा लगता है! उज्जैन शहर को भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने का सौभाग्य प्राप्त है! यह राज्य का सबसे बड़ा मेला होता है ! इसमें पूरे देश से यहां तक कि विदेश से भी साधु संत आते हैं!

पीर बुधन का मेला– सिर्फ धान का मेला मुस्लिम संत सिर्फ धन की स्मृति में लगाया जाता है! यह शिवपुरी जिले के सांवरा क्षेत्र में लगाया जाता है यहां पर प्रधान का मकबरा भी है! प्रत्येक वर्ष अगस्त से सितंबर के बीच लगता है!

महामृत्युंजय का मेला – रीवा जिले के महामृत्युंजय मंदिर पर बसंत पंचमी एवं शिवरात्रि को यह मेला लगता है! यह बघेलखंड के प्रमुख मेले में से एक है!

ग्वालियर का व्यापारिक मेला – मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मेला ग्वालियर का व्यापार मेला है! इस मेले की शुरुआत माधवराव सिंधिया ने 5 में पशु मेले के तौर पर की थी! अभी हाल में ही यहां पर GTFA द्वारा मेला परिसर में ही कला निर्यात सुविधा केंद्र की स्थापना की गई! यह मेला दिसंबर जनवरी में प्रत्येक वर्ष लगता है!

Fairs of Madhya Pradesh – General Knowledge in Hindi

रामलीला का मेला – दतिया जिले के भांडेर में जनवरी-फरवरी मां हमें लगने वाला मेला 100 वर्षों से अधिक पुराना है! इसमें ले को रामलीला का मेला कहा जाता है!

हीरामन बाबा का मेला – ग्वालियर और इसके आसपास के क्षेत्रों में हीरामन बाबा का मेला बहुत प्रसिद्ध है! यह मेला अगस्त माह में प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है!

नागाजी का मेला – मुरैना जिले के पोरसा में संत नागाजी की स्मृति में इस मेले का आयोजन किया जाता है! यह महिला मुगल बादशाह अकबर के समय से ही चला रहा है! पहले यह मेला बंदरों को बेचे जाने के लिए प्रसिद्ध था परंतु अब यहां सभी पालतू जानवर बेचे जाते हैं! मुरैना के पशु मेले के रूप में नागा जी का मेला प्रसिद्ध है!

काना बाबा का मेला – होशंगाबाद जिले के सोडलपुर नामक गांव में काना बाबा का मेला लगता है! यह मेला लगभग 300 वर्ष पुराना है यहां पर कान्हा बाबा की समाधि भी है! काना बाबा के मेले के बारे में प्रत्येक प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न पूछा जाता है!

सिंगाजी का मेला – पश्चिमी निमाड़ यानी खरगोन जिले के पिपलिया गांव में हर साल सिंगाजी की स्मृति में मेला लगता है! सिंगाजी एक महान संत थे! यह मेला अश्विन शुक्ल पूर्णिमा को 1 सप्ताह के लिए लगता है!

धमोनी उर्स का मेला – सागर जिले के धमोनी में प्रत्येक वर्ष मार्च-अप्रैल माह में 6 दिवसीय मेला लगता है! यह जगह अपने आप में ही प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है! यहां पर मुस्लिम संतो बालजती शाह और मस्तान अली शाह की मजारे हैं!

मध्यप्रदेश में लगने वाले मेले : MP GK in Hindi

बरमान घाट का मेला – नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र में बरमान घाट पर यह मेला लगता है! मकर संक्रांति पर 13 दिवसीय लगने वाला यह मेला बरमान घाट का मेला कहलाता है!

कालू जी महाराज का मेला – खरगोन जिले के पिपलिया खुर्द में 1 महीने तक यह मेला लगता था! परंतु यह मेला बंद हो गया है!

गढ़ाकोटा का रहस मेला – गढ़ाकोटा में प्रति वर्ष फरवरी माह में बसंत पंचमी से 1 माह तक आयोजित होने वाला यह मेला रहस मेला कहलाता है! माना जाता है कि संत 1758 में मर्दन सिंह नामक राजा के गढ़ाकोटा के उत्तराधिकारी बनने के उपलक्ष्य में यह मेला लगता है! तब से यह मेला प्रतिवर्ष भरता आ रहा है!

चंडी देवी का मेला – सीधी जिले के घोघरा में चंडी देवी का मेला लगता है! चंडी देवी को देवी पार्वती का अवतार माना जाता है उन्हीं के सम्मान में यह मेला लगता है! इस क्षेत्र का यह प्रमुख धार्मिक मेला प्रत्येक वर्ष मार्च-अप्रैल में लगता है!

अमरकंटक का शिवरात्रि मेला – नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में शिवरात्रि पर भव्य मेला लगता है! अमरकंटक प्रमुख धार्मिक स्थल के साथ-साथ बहुत पवित्र स्थल माना जाता है!

जटाशंकर का मेला – छतरपुर जिले के जटाशंकर तीर्थ स्थल पर हर अमावस्या को यह मेरा लगता है! यहां पर संक्रांति के दिन 3 का मेला लगता है!

मांधाता मेला – मांधाता मेला मेला खंडवा जिले में लगता है!

Madhya Pradesh GK in Hindi

बड़े बाबा का मेला – दमोह जिले में जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख स्थल कुंडलपुर है! कुंडलपुर में बड़े बाबा का मंदिर है यहीं पर उनका मेरा लगता है! यह स्थान आस्था और श्रद्धा का आकर्षण केंद्र है! यह मेला प्रतिवर्ष माघ शुक्ल पर कुंडलपुर में आयोजित किया जाता है!

कुआं ताल का मेला – पन्ना जिले में कुआं ताल स्थल पर नवरात्रि में यह मेला आयोजित किया जाता है! यहां पर कांगली देवी का मंदिर है उन्हीं के सम्मान में यह मेला आयोजित होता है!

जलविहार मेला – अक्टूबर-नवंबर मां हमें दशहरा और दीपावली के बीच 15 दिन के लिए छतरपुर में जलविहार मेला लगता है!

कुम्हेण का मेला – मकर संक्रांति पर छतरपुर के महाराजपुर के निकट कुम्हेण नदी पर 1 सप्ताह के लिए यह मेला लगता है!

चैती का मेला – यह मेला राजगढ़ जिले के ब्यावरा में लगता है!

ओरछा का मेला – ओरछा को भगवान राम की नगरी कहा जाता है ! यहां पर सावन तीज के अवसर पर एक भव्य मेला लगता है जो कि 2 दिनों तक चलता है! ओरछा में भगवान राम से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के कई मेले लगते हैं!

भापेल का मेला – सागर जिले में दीपावली के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर प्रतिवर्ष भापेल का मेला लगता है ! सागर जिले के भापेल में महादेव मंदिर है जिसे फुल नाथ का मंदिर भी कहा जाता है! MP ke Mele MP GK General Knowlegde Study Material in Hindi

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